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दैनिक वास्तु शास्त्र टिप्स

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  दैनिक वास्तु शास्त्र टिप्स  घर के छत पर उल्टा मटका रखने से परेशानी आती हैं ,यह भूल कर भी न रखें।  _______________________________________________________ दैनिक वास्तु शास्त्र टिप्स  वास्तु दोष को कम करने के लिए एक कटोरी में साबूत नमक भरे। इसे बाथरूम में रखें इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती हैं।  _______________________________________________________ दैनिक वास्तु शास्त्र टिप्स  घर में सरसों के तेल के दीये में लौंग डालकर लगाना शुभ हैं।  _______________________________________________________ दैनिक वास्तु शास्त्र टिप्स  घर में सप्ताह में कम से कम एक बार कपूर जलाना चाहिए। इसका धुआँ वास्तुदोष को कम करता हैं।  _______________________________________________________

दैनिक वास्तु शास्त्र टिप्स

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दैनिक वास्तु शास्त्र टिप्स  वास्तुशास्त्र के अनुसार चाँदी की बांसुरी रखने से घर में लक्ष्मी का वास बना रहता हैं।  ________________________________________________________________________ _

दैनिक वास्तु शास्त्र टिप्स - 16/02/21

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 दैनिक वास्तु शास्त्र टिप्स  नंबर -०५    ०१.  घर के उत्तर दिशा में देवी लक्ष्मी की ऐसी तस्वीर लगाएं ,जिसमें वह कमलासन पर विराजमान हों और स्वर्ण मुद्राएं गिरा रही हों। ऐसी तस्वीर लगाना सुबह मन जाता हैं।  _________________________________________________________________ ०२. पूर्व दिशा के घर में सूर्य यंत्र की स्थापना करें। पूर्वमुखी घर में मुख्य द्वार के बाहर ऊपर की ओर सूर्य का चित्र या प्रतिमा लगाएं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता हैं। ___________________________________________________________________   ०३.  पुरे घर में एक मुख्य दर्पण होना चाहिए ,जिसे आप पूर्वी और उत्तरी दीवारों पर लगाएं। घर के मुख्य द्वार पर कभी भी कांच नहीं लगाएं। उत्तर दिशा में दर्पण लगाने से आय और धन में वृद्धि होती हैं।  ______________________________________________________________________ ०४.  घर के मुख्य द्वार पर काले घोड़े की नाल लगाना शुभ माना गया है।  नाल का मुख नीचे की तरफ होना चाहिए। मान्यता है कि इससे बुरी नजर से बचाव होता है और घर में रहने व...

दैनिक वास्तु शास्त्र टिप्स - 15/02/21

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  दैनिक वास्तु शास्त्र टिप्स  नंबर -०४  घर में वास्तुदोष काम करने और शांति का वातावरण बनाने के लिए घर के मेन गेट पर सिंदूर से स्वास्तिक बनाये, जो कि नौ उँगली  लम्बा और नौ उँगली चौड़ा हो।  ____________________________________________________________________________ नंबर -२  घर में बंद घडी भाग्य को अवरुध्द करती है  ________________________________________________

दैनिक वास्तु शास्त्र टिप्स - 14/02/21

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 दैनिक वास्तु शास्त्र टिप्स  नंबर -०३  घर में कभी भी उस स्थान पर पितरो की तस्वीर नहीं लगानी चाहिए ,जहां पर आते -जाते नज़र पड़े। ज़्यादातर लोग भावुकता में ऐसा ही करते हैं ,जिससे उनके मन में निराशा का भाव उत्पन्न हो जाता हैं।  _________________________________________________________________________ नंबर -०४  जीवन को मंगल मय बनाये रखने के लिए और सभी प्रकार के अनिष्टों से रक्षा के लिए सिन्दूरी रंग के गणपतिजी की आराधना करनी चाहिए। श्री मंगलमूर्ति गणपति जी की मूर्ति अथवा चित्र लगाते समय यह ध्यान रखे कि इनकी सूंड इनके बाये हाथ की ओर घूमी हुई हो। श्री मंगल मूर्ति को मोदक और इनका वाहन मूषक अतिप्रिय है ,अतः चित्र लगाते समय ध्यान रखे कि चित्र में मोदक और मूषक दोनों हों।   ___________________________________________________________________________

दैनिक वास्तु शास्त्र टिप्स - 13/02/21

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  दैनिक वास्तु शास्त्र टिप्स  नंबर -०२  सुख -शांति , और समृद्धि की प्राप्ति के लिए घर या कार्यस्थल पर श्री गणपति जी की सफ़ेद रंग की मूर्ति या चित्र को लगाना चाहिए , यदि घर या कार्यस्थल में भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र लगा रहे हैं ,तो ध्यान रखें कि किसी भी स्थिति में इनका  मुँह दक्षिण दिशा या नैऋत्य कोण में नहीं होना चाहिए। 

भवन खरीदते या बनवाते समय वास्तु

  भवन खरीदते या बनवाते समय वास्तु                  भवन खरीदते  या बनवाते समय वास्तु  अपने मकान में रहना लोगो की ख्वाहिश होती है। जीवन की  एक बड़ी पूंजी  एकत्रित करके भवन को ख़रीदा या बनाया जाता हैं ,ताकि उसमें  सुकून से  जीवन को गुजारा जाये। सुकून से जीवन तभी गुजरेंगा जब भवन में वास्तु दोष न हो आइये जानते हैं कि भवन खरीदते या बनवाते समय किन बातों पैर विशेष ध्यान देना चाहिए। १. दो विशाल भूखंड के मध्य छोटा  संकरा भूखंड कभी भी  उत्तम नहीं माना गया हैं।    २. भूखंड खरीदते समय यह ध्यान अवश्य दें कि भूखण्ड सूर्यभेदी या चन्द्रभेदी हैं।  ३. प्राथमिक रूप से भवन निर्माण के लिए वर्गाकार या आयताकार भूमि का ही चयन  करना चाहिए। विकृत भूमि  चयन कदापि ना करें।  ४. भवन में भारी वस्तुए हमेशा दक्षिण या पश्चिम दिशा में ही रखनी चाहिए। पूर्व व उत्तर में कदापि नहीं।  ५. भवन के सामने किसी प्रकार का अवरोध जैसे -टीला ,बड़ा वृक्ष ,बिजली का खम्बा ,ट्रांसफार्मर आदि नहीं होना चाहिए...