वास्तु शास्त्र टिप्स नंबर- १ घर में टूटे बर्तन को ना रखें और इसको काम में लेने से भी बचे ,टूटे हुए बर्तन जहाँ नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते है , वही आर्थिक स्थिति को भी ख़राब करते हैं। टूटे हुए बर्तन रखने से अच्छा हैं कि आप इन्हे बेच दे या फेंक दे। नंबर -२ घर में एक कलश में शुद्ध जल भरकर ,उस पर अशोक या आम की पत्तियों को लाल धागे से बांधकर रखना चाहिए। कलश को इस तरह रखने से स्वास्थ्य,समृद्धि और कल्याण की वृद्धि होती हैं। इसे घर के मंदिर में स्थापित करना शुभ होता हैं ,इसे समय-समय पर बदलते भी रहना चाहिए।
दैनिक वास्तु शास्त्र टिप्स नंबर -०४ घर में वास्तुदोष काम करने और शांति का वातावरण बनाने के लिए घर के मेन गेट पर सिंदूर से स्वास्तिक बनाये, जो कि नौ उँगली लम्बा और नौ उँगली चौड़ा हो। ____________________________________________________________________________ नंबर -२ घर में बंद घडी भाग्य को अवरुध्द करती है ________________________________________________
भवन खरीदते या बनवाते समय वास्तु भवन खरीदते या बनवाते समय वास्तु अपने मकान में रहना लोगो की ख्वाहिश होती है। जीवन की एक बड़ी पूंजी एकत्रित करके भवन को ख़रीदा या बनाया जाता हैं ,ताकि उसमें सुकून से जीवन को गुजारा जाये। सुकून से जीवन तभी गुजरेंगा जब भवन में वास्तु दोष न हो आइये जानते हैं कि भवन खरीदते या बनवाते समय किन बातों पैर विशेष ध्यान देना चाहिए। १. दो विशाल भूखंड के मध्य छोटा संकरा भूखंड कभी भी उत्तम नहीं माना गया हैं। २. भूखंड खरीदते समय यह ध्यान अवश्य दें कि भूखण्ड सूर्यभेदी या चन्द्रभेदी हैं। ३. प्राथमिक रूप से भवन निर्माण के लिए वर्गाकार या आयताकार भूमि का ही चयन करना चाहिए। विकृत भूमि चयन कदापि ना करें। ४. भवन में भारी वस्तुए हमेशा दक्षिण या पश्चिम दिशा में ही रखनी चाहिए। पूर्व व उत्तर में कदापि नहीं। ५. भवन के सामने किसी प्रकार का अवरोध जैसे -टीला ,बड़ा वृक्ष ,बिजली का खम्बा ,ट्रांसफार्मर आदि नहीं होना चाहिए...
Comments
Post a Comment